NI बाजार का कस्टमर केयर बनेगा SS इंजीनियरिंग सोलर एनर्जी इंफ्रावेंतूर का सर्विस सेंटर

५०० मेकेनिकल इंजीनियरिंग  और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के छात्रों को मिलेगी अब उनके गाँव में ही जॉब्स की फैसिलिटीज 

NI बाजार का कस्टमर केयर बनेगा SS इंजीनियरिंग सोलर एनर्जी इंफ्रावेंतूर का सर्विस सेंटर 
ज्ञातव्य है की NI बाजार अपना कस्टमर केयर सेंटर हर ज़िले में खोलने जा रहा है जिसमे लगभग ५०० से ज्यादा लोगो को क्षेत्रीय रोजगार मिलेगा इसके अलावा छोटे दूकानदार जो अपने सामान ऑनलाइन बेच पाएंगे वो भी फ्री | इस ऑनलाइन पोर्टल के चलते  छोटे उद्योग जैसे बुटीक, होम फ़ूड प्रोडक्ट्स अब विदेशो में एक्सपोर्ट कर पाएंगे  पत्रकारों से बात करते हुए मीडिया एंड कम्युनिकेशन हेड ने बताया ही के समय के साथ और प्रदूषण के कारण आगरा से फाउंड्री व टैक्सटाइल उद्योग जैसे कई पुराने व्यवसाय बंद हो चुके है इसलिए जरूरी है  इनफार्मेशन टेक्नोलॉजीज के इस एरा में गांव के लोगो को भी जागरूक किया जाये । आज की समस्या और आवश्यकता को ध्यान में रखने के बजाय 20 वर्ष आगे की समस्याओं और जरूरतों को ध्यान में रखकर व्यवसाय को आगे बढ़ाना होगा, तभी हम वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना पाएंगे। विदेशों में लगने वाली प्रदर्शनी में भाग लेने वालो को भी  उन्हें विभाग की ओर से 60 प्रतिशत तक का अनुदान मिलता है। कनाडा (टोरंटो) में 4-6 दिसंबर को सोलर एनर्जी पर प्रदर्शनी लगने जा रही है।

NSDC और SKILL INDIA प्रोजेक्ट्स के अंतर्गत सोलर और फिटर और एल्क्ट्रिशन्स का कोर्स करने वाले लोगो के लिए भी नौकरी की सम्भावनाये 
DMW न्यूज़ मार्च में नीव इंडिया , EDUKA एजुकेशन डायरेक्टरी और SS इंजीनियरिंग एनर्जी एंड इंफ्रावेंतूर  के साथ एक इंडियन प्रोजेक्ट्स एक्सपो और जॉब फेयर  कर रहा है जहा इंजीनियरिंग के छात्रों को अपने फाइनल ईयर के प्रोजेक्ट्स को कंपनी HR  के सामने प्रेजेंट करना होगा । जिन स्टूडेंट्स के प्रोजेक्ट सबसे इनोवेटिव होंगे उनको स्पॉट जॉब ऑफर लेटर कंपनी की तरफ से दिया जायेगा ।  इंडियन प्रोजेक्ट्स एक्सपो और जॉब फेयर में ५० से ज्यादा कम्पनीज के आने की सम्भावनाये है । UP में इतने बड़े लेवल पर इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए पहली बार जॉब फेयर किया जायेगा जिसमे कम्पनिया १५०० जॉब्स के साथ 
आएँगी । सभी पोजीशन इंजीनियरिंग जॉब से सम्बंधित है इसमें कोई कॉल सेंटर की जॉब नहीं होगी। उत्तर प्रदेश में इंडस्ट्रीज की कमी के चलते आमतौर पर कॉलेजेस और अन्य तरीके जॉब फेयर में ७०% जॉब्स सिर्फ कॉल सेंटर्स की होती है । इसके अलावा गरीब वैज्ञानिक स्टूडेंट्स के द्वारा बनाये गए टेक्निकल प्रोजेक्ट्स को भी शामिल करने की अनुमति मिलेगी अगर उनके द्वारा बनाये गए प्रोडक्ट अगर कंस्यूमर्स को पसंद आया तो उसे पेटेंट करने के बाद कंपनी उसके प्रोडक्ट की मैन्युफैक्चरिंग और ऑनलाइन सेलिंग किया जायेगा और स्टूडेंट्स को उसकी पूरी रॉयल्टी और उस प्रोजेक्ट्स में काम करने के लिए अनुबंधित किया जायेगा 


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