हरियाणा विधानसभा में दिखे नए राजनीति समीकरण चौटाला व हुड्डा के बीच हुई मंत्रणा

हरियाणा विधानसभा में दिखे नए राजनीति समीकरण    चौटाला व हुड्डा के बीच हुई मंत्रणा   हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला द्वारा पूर्व सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा की तारीफ करने के बाद विधानसभा में नए राजनीति समीकरण देखने को मिले। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले महागठबंधन की अटकलों के बीच इनेलो विधायक दल के नेता अभय सिंह चौटाला और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच सदन में करीब तीन मिनट तक मंत्रणा हुई। हुड्डा और चौटाला की इस छोटी सी मंत्रणा के बड़े राजनीतिक मतलब निकाले जा रहे हैं।

शून्यकाल के दौरान जब कांग्रेस विधायक किरण चौधरी, करण दलाल और रणदीप सुरजेवाला अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे, तब अभय सिंह चौटाला अचानक अपनी सीट से उठे और भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सीट पर जाकर उनकी बगल में बैठ गए। अभय और हुड्डा के बीच छत्तीस का आंकड़ा है। सदन में कई मौके ऐसे आए, जब अभय ने हुड्डा पर राजनीतिक तंज कसे। ओमप्रकाश चौटाला पर सीबीआइ के शिकंजा कसने का आरोप भी अभय पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा पर लगाते रहे हैं। जेबीटी शिक्षक भर्ती मामले में जब चौटाला जेल से बाहर आए हुए थे, तब उन्होंने रोहतक में दीपेंद्र सिंह हुड्डा की हार पर आश्चर्य जताते हुए उन्हें अच्छा लड़का बताया था। चौटाला के दीपेंद्र के प्रति इस अनुराग के राजनीतिक मतलब निकाले गए। विपक्षी दलों में महागठबंधन की चर्चा चल ही रही है।सदन के भीतर हुई हुड्डा व अभय की मंत्रणा पर संसदीय कार्य मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा समेत सत्तारूढ़ विधायकों ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए चुटकी भी ली। अभय से मुखातिब होकर प्रो. रामबिलास शर्मा ने कहा कि उनके भीतर स्वर्गीय ताऊ देवीलाल का डीएनए है। देवीलाल ने राजनीति परिस्थितियों के चलते मुस्लिम लीग से तो समझौता कर लिया था, लेकिन कांग्रेस को कभी स्वीकार नहीं किया।सदन में रामबिलास शर्मा बोल ही रहे थे कि कांग्रेस विधायक रघुवीर कादयान ने बीच में टोकते हुए कहा कि प्रदेश की जनता तय करेगी कि कौन कहां बैठेगा। इस पर समाज कल्याण राज्य मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि जींद और नगर निगमों के चुनाव के बाद जनता लोकसभा चुनाव में विपक्ष को आइना दिखा चुकी है, लेकिन विपक्ष जन भावनाओं का न तो सम्मान कर रहा है और न समझ रहा है।

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