दिल्‍लीवालों रहें तैयार, 1 सितंबर से हर रविवार घर की जांच में देना होगा 10 मिनट

डेंगू और चिकनगुनिया का सफाया करने के लिए दिल्ली सरकार एक सितंबर से अभियान चलाएगी। इसका मकसद इस साल डेंगू के मामले को और भी कम करना है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि इस महाअभियान की थीम है- 10 हफ्ते, 10 बजे और 10 मिनट। एक सितंबर से 10 हफ्ते तक हर रविवार 10 बजे 10 मिनट अपने घर की जांच करनी है कि कहीं डेंगू के मच्छर तो नहीं पनप रहे हैं।केजरीवाल ने कहा कि मैं भी हर रविवार अपने घर की जांच करूंगा। आप भी जरूर करना। मुख्यमंत्री ने कहा कि मात्र चार साल में दिल्ली में डेंगू और चिकनगुनिया 80 फीसद कम हुआ है। 2015 में डेंगू के 15867 केस थे और 60 लोगों की मौत हुई थी। जबकि 2018 में 2798 केस हुए और 4 मौत हुईं।

डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप हर साल मानसून के दौरान
दिल्ली सचिवालय में प्रेसवार्ता कर मुख्यमंत्री ने कहा कि डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप हर साल मानसून के दौरान और मानसून के बाद होता है। इस मामले में सितंबर से नवंबर तक का समय अधिक खतरनाक माना जाता है। अपने यहां की बात करें तो भारत उन 100 देशों में से है जिनमें डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप बहुत ज्यादा है।

देश में बढ़े डेंग के प्रकोप
उन्होंने कहा कि अगर पूरे देश के आंकड़ों को देखें तो 2009 से 2017 के बीच में पूरे देश में 300 फीसद डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप बढ़ा है। पूरे देश में 2009 में 60 हजार केस थे जो 2017 में बढ़कर 1 लाख 88 हजार 401 हो गए। पूरे देश में सबसे ज्यादा मौत डेंगू और चिकनगुनिया की वजह से 2017 में हुई थी। लेकिन, दिल्ली में यह ट्रेंड उल्टा चल रहा है। दिल्ली में सरकार के प्रयासों और जनता की भागीदारी की वजह से डेंगू और चिकनगुनिया पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है।उन्होंने कहा कि इस साल अभी तक एक भी मौत नहीं हुई है। केवल 75 केस सामने आए हैं। हर सीजन में करीब 500 फीवर क्लीनिक बनाए गए। डेंगू और चिकनगुनिया से निपटने के लिए हर अस्पताल के अंदर नोडल अफसर नियुक्त किए गए। हर अस्पताल में विशेष तौर पर डेंगू मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था की गई। प्राइवेट अस्पतालों को हर साल इस सीजन में डेंगू और चिकनगुनिया के लिए 20 फीसद बेड बढ़ाने की इजाजत दी गई।केजरीवाल ने कहा कि इस अभियान में मैं भी अपने घर में हर रविवार दस बजे जांच करूंगा। मेरे मंत्री भी जांच करेंगे। हमारे सारे विधायक भी जांच करेंगे। सारे अधिकारी भी जांच करेंगे। सारी दिल्ली जांच करेगी। हम इसमें नागरिकों को, सरकारी अधिकारियों कर्मचारियों को, स्कूली बच्चों को शामिल करेंगे। मुझे पूरी उम्मीद है कि दिल्ली की जनता इस अभियान को सफल बनाएगी।डेंगू का मच्छर केवल साफ पानी में होता है। साफ पानी अगर थोड़े दिन के लिए इकट्ठा हो जाए और उसको बदला न जाए तो उस साफ पानी के अंदर डेंगू के अंडे पैदा होते हैं और वो अंडे 8 से 10 दिन के अंदर मच्छर हो जाते हैं। अगर हम 8 दिन से पहले उस पानी को बदल दें और उस अंडे को नष्ट कर दें तो मच्छर पैदा ही नहीं होगा। हमें घर में देखते रहना चाहिए कि कहीं गमले में, कूलर में, कोई छोटी सी भी जगह में कोई पानी तो इकट्ठा नहीं हो रहा। अगर इकट्ठा हो रहा हो तो उसको हटा दें या उसको बदल दें या कूलर आदि में कोई तेल डाल दें ताकि जो अंडे हैं वो मच्छर न बन सकें।

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